डिप्लोमा इंजीनियरों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी, 27 सूत्रीय मांगों पर अड़े।
रुद्रप्रयाग/जखोली। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के आह्वान पर अपनी लंबित मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियरों का कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। जनपद के सभी विभागों के इंजीनियर अपनी 27 सूत्रीय मांगों के समर्थन में लामबंद हैं, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार पर असर पड़ने लगा है।
रुद्रप्रयाग में लोक निर्माण विभाग संघ के भवन को धरना स्थल बनाया गया है, जहाँ भारी संख्या में विभिन्न विभागों के इंजीनियरों ने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी इंजीनियरों का मुख्य जोर वेतन विसंगतियों को दूर करने, विभागों के पुनर्गठन, आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने और पुरानी पेंशन बहाली जैसी मांगों पर है। इसके साथ ही एसीपी/एमएसीपी का लाभ दिए जाने और फील्ड स्टाफ की पर्याप्त नियुक्ति की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है।
डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी सभी 27 मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी। आंदोलन का असर ऊखीमठ शाखा में भी देखने को मिल रहा है, जहाँ लोनिवि गेस्ट हाउस में इंजीनियरों ने धरना दिया। आज तीसरे दिन के धरने में लगभग 65 सदस्य मौजूद रहे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इंजीनियर लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
प्रमुख मांगें एक नजर में:
वेतन विसंगतियों का निराकरण।
विभागों का पुनर्गठन और रिक्त पदों पर भर्ती।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली।
फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और एसीपी/एमएसीपी का लाभ।
कार्यस्थल पर आधुनिक तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता।


