स्तुति सेमवाल/देहरादून
उत्तराखंड शक्ति कम्युनिटी समिट 2026: महिला नेतृत्व और ग्रामीण नवाचार के नए युग का आगाज़।
51 महिला उद्यमियों का हुआ सम्मान, साझा भविष्य की ओर एक कदम।
देहरादून। महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी स्थित अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC) उत्तरांचल यूनिवर्सिटी फाउंडेशन द्वारा ‘उत्तराखंड शक्ति कम्युनिटी समिट 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित इस समिट ने राज्य की उभरती महिला उद्यमियों और सामाजिक नेतृत्व को एक वैश्विक मंच प्रदान किया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में इंजीनियस रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन (IRD Foundation) ने विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर महिला-नेतृत्व वाले नवाचारों के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
समिट का मुख्य आकर्षण उन 51 उत्कृष्ट महिला उद्यमियों का सम्मान रहा, जिन्होंने दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी असाधारण पहलों के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की नई पटकथा लिखी है। इन महिलाओं को उनके नवाचारी योगदान, ग्रामीण स्टार्ट-अप्स और समुदाय-आधारित विकास मॉडलों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित नीति-निर्माताओं और शिक्षाविदों ने माना कि ये उद्यमी न केवल उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं।
IRD Foundation की ओर से प्रतिनिधि मंडल में रिवांशी, स्तुति सेमवाल और तन्वी जमलोकी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने समिट के दौरान महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों को सुदृढ़ करने और ग्रामीण क्षेत्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विस्तृत चर्चा की।
फाउंडेशन के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि सतत विकास तभी संभव है जब हम 'ग्रीन एंटरप्राइज' और 'वैल्यू चेन डेवलपमेंट' जैसे आधुनिक उपकरणों को ग्रामीण महिलाओं तक पहुँचाएं। IRD Foundation के प्रतिनिधियों ने कहा, "यह समिट हमारे लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सीखने का अवसर था कि कैसे सामूहिक प्रयासों से हम उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और समुदाय-प्रेरित विकास को गति दे सकते हैं।"
समिट के समापन पर IRD Foundation ने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी और ACIC फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में साझा सहयोग की संभावनाओं पर बल दिया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि उत्तराखंड की प्रगति का रास्ता महिला सशक्तिकरण से होकर गुजरता है। इस दौरान वक्ताओं ने ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र में लचीले और स्थायी व्यावसायिक मॉडल तैयार करने की आवश्यकता जताई ताकि राज्य से पलायन जैसी समस्याओं को स्वरोजगार के माध्यम से कम किया जा सके।
यह आयोजन केवल एक समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने एक ऐसे सशक्त उत्तराखंड की नींव रखी जहाँ नवाचार, समावेशिता और महिला नेतृत्व मुख्य धारा का हिस्सा होंगे। IRD Foundation ने प्रतिबद्धता दोहराई कि वे राज्य में सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने और समावेशी समृद्धि के लिए अपनी तकनीकी और रणनीतिक विशेषज्ञता साझा करना जारी रखेंगे।


