उत्तराखंड में जनगणना की तैयारी: 25 अप्रैल से शुरू होगी मकान गणना, जनता को मिलेगा 'स्व-गणना' का विकल्प।
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य सरकार ने राज्य में मकानों की गणना (Housing Census) के लिए विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान प्रदेश भर में आवासीय और अन्य परिसरों का व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मकान गणना का यह चरण आगामी 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 24 मई 2026 तक चलेगा। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में राज्य के हर कोने में मौजूद मकानों, उनकी संरचना और परिवार के विवरणों को दर्ज किया जाएगा। सरकार ने इस बार प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
आवासीय विवरण: इसमें भवन संख्या, मकान की स्थिति (अच्छी या कच्ची), मकान बनाने में उपयोग की गई सामग्री (छत, दीवार, फर्श) और मकान का मालिकाना हक जैसे सवाल शामिल हैं।
पारिवारिक संरचना: परिवार के मुखिया का विवरण, परिवार में सदस्यों की कुल संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या और सामाजिक श्रेणी (SC/ST/अन्य) की जानकारी ली जाएगी।
बुनियादी सुविधाएं: परिवार को पेयजल का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुविधा और उसके प्रकार, बिजली, गंदे पानी की निकासी और रसोईघर में एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता के बारे में जानकारी देनी होगी।
डिजिटल और आर्थिक साधन: इस श्रेणी में परिवार के पास मौजूद आधुनिक सुविधाओं की पड़ताल की जाएगी, जिसमें इंटरनेट, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, टीवी, रेडियो, साइकिल, मोटरसाइकिल और कार जैसे साधनों का विवरण शामिल है। साथ ही, मुख्य अनाज के उपभोग और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा।


