सो रहा तहसील प्रशासन, अलाव के अभाव में ठिठुर रहे लोग

जखोली में कड़ाके की ठंड,
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 रामरतन पवांर/जखोली

जखोली में कड़ाके की ठंड का सितम: सो रहा तहसील प्रशासन, अलाव के अभाव में ठिठुर रहे लोग 

चिरबटिया में ठंड का कहर, प्रशासन मौन, खोखले वादों से व्यापारियों में आक्रोश

जखोली (रुद्रप्रयाग): पूरे उत्तराखंड के साथ-साथ जखोली विकासखंड में भी शीत लहर का प्रकोप जारी है। कड़ाके की सर्दी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, लेकिन विडंबना यह है कि जखोली तहसील प्रशासन अभी भी कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। क्षेत्र के मुख्य बाजारों— अमकोटी, फतेड़ू और चिरबटिया में अभी तक प्रशासन द्वारा अलाव जलाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे स्थानीय दुकानदारों, मजदूरों, राहगीरों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

फतेड़ू बाजार के व्यापारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। व्यापारी बीर सिंह पंवार ने बताया कि कुछ दिन पूर्व राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) ने उन्हें लकड़ी की व्यवस्था करने को कहा था और आश्वासन दिया था कि इसका भुगतान तहसील के माध्यम से किया जाएगा। उनके कहने पर एक दिन अलाव जलाया भी गया, लेकिन दोबारा व्यवस्था करने से उन्होंने इनकार कर दिया। इसका मुख्य कारण यह है कि दो साल पहले भी इसी तरह लकड़ी मंगवाई गई थी, जिसका भुगतान आज तक नहीं किया गया। प्रशासन के इसी ढुलमुल रवैये के कारण अब व्यापारी स्वयं आगे आने से कतरा रहे हैं।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित चिरबटिया बाजार में स्थिति और भी विकराल है। यहाँ कड़ाके की ठंड के बीच अलाव जलाना नितांत आवश्यक है। स्थानीय व्यापारी रूप सिंह कैन्तूरा, कमल सिंह मेहरा, दीप कैन्तूरा व अन्य ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से अब तक लकड़ी की कोई खेप नहीं पहुँची है। लोग सुबह-शाम ठिठुरने को मजबूर हैं, जबकि मुख्य चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है।





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