मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को केदारनाथ यात्रा वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग तेज।
सिद्धसोड़ के दूँनगैरा मन्दिर प्रांगण में निर्विरोध हुआ संघर्ष समिति का हुआ गठन।
रुद्रप्रयाग। जनपद के बड़मा, लस्या, सिलगढ़ और पूर्वी बांगर पट्टियों के विकास और श्री केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से सिद्धसोड़ स्थित दूनगैरा मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में ब्लॉक प्रमुख जखोली विनीत चमोली सहित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को वैकल्पिक यात्रा मार्ग के रूप में विकसित करने के लिए स्वरैक्य से हुंकार भरी। क्षेत्र की समृद्धि और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने के लिए इस दौरान विधिवत एक संघर्ष समिति का गठन भी किया गया।
समृद्धि और रोजगार का बनेगा आधार
बैठक की अध्यक्षता नरवीर सिंह रौथाण ने की, जबकि संचालन डॉ. रामसिंह पँवार द्वारा किया गया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख (जखोली) नागेंद्र पँवार, सामाजिक कार्यकर्ता जयओमप्रकाश और अन्य वक्ताओं ने कहा कि मयाली-गुप्तकाशी मार्ग क्षेत्र की चार प्रमुख पट्टियों के लिए भाग्यरेखा साबित होगा। वक्ताओं ने जोर दिया कि इस मार्ग के बनने से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी। विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया कि वर्ष 2013 की भीषण आपदा के दौरान इसी मार्ग ने 'लाइफलाइन' की भूमिका निभाई थी। पिछले वर्ष इस मार्ग पर यात्रा का सफल ट्रायल भी किया जा चुका है, जो इसकी उपयोगिता को सिद्ध करता है।
निर्विरोध चुनी गई संघर्ष समिति
क्षेत्र की इस मांग को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुँचाने के लिए सर्वसम्मति से कार्यकारिणी का गठन किया गया, जो इस प्रकार है:
अध्यक्ष: नरवीर सिंह रौथाण
महासचिव- नागेंद्र पँवार
उपाध्यक्ष: चण्डी प्रसाद चमोली, महावीर सिंह कैंतुरा, डॉ. राम सिंह पवार (पूर्व जिला पंचायत सदस्य), देवेंद्र सिंह बुटोला और विपिन मैठाणी।
संरक्षक सदस्य: चतर सिंह पवार, सुरेंद्र सिंह पवार, स्वरूप सिंह रावत, विक्रम सिंह, जयेंद्र सिंह भंडारी और महेंद्र सिंह। इसके साथ ही समस्त वर्तमान जनप्रतिनिधियों को समिति का पदेन सदस्य चुना गया है। समिति का विस्तार आगामी बैठकों में किया जाएगा।
बिना राजनीति के विकास का संकल्प
बैठक में निर्णय लिया गया कि संघर्ष समिति का जल्द ही पंजीकरण कराया जाएगा, जिसके लिए उपस्थित सदस्यों ने स्वेच्छा से वित्तीय योगदान भी दिया। बैठक का मुख्य स्वर यह रहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सभी को दलीय राजनीति से ऊपर उठकर संगठित होना होगा। यह मार्ग गंगोत्री-यमुनोत्री धाम को सीधे केदारनाथ से जोड़ता है, जिससे चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर शर्मा लाल, जयेंद्र भण्डारी, पूर्व प्रधान जखोली बलराम सिंह पंवार, ग्राम प्रधान चन्दी पवन राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य शम्भू प्रसाद, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्ञान प्रकाश कोठारी, रणवीर सिंह श्रीवाण, चण्डी प्रसाद चमोली सहित सैकड़ों ग्रामीण और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


