एल टी शिक्षको ने प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती किये जाने का किया कड़ा विरोध

एल टी शिक्षको ने प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती किये जाने का किया कड़ा विरोध।
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 रामरतन पवार/गढ़वाल ब्यूरो

एल टी शिक्षको ने प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती किये जाने का किया कड़ा विरोध।

प्रधानाचार्य पदों पर 50% सीधी भर्ती से भरे जाने वाली नियमावली में एलटी शिक्षकों की अनदेखी करना संविधान के अनुच्छेद 14 में उल्लिखित समानता के अधिकार का उल्लंघन किया गया है। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री शिव सिंह नेगी ने सरकार द्वारा प्रधानाचार्य सीधी भर्ती नियमावली का विरोध करते हुए कहा कि समान योग्यता व अनुभव होने के बावजूद प्रधानाचार्य सीधी भर्ती नियमावली में शासन स्तर से ऐसे अव्यवाहारिक मानक बनाये गये है कि अधिसंख्य एलटी शिक्षकों अवसर प्राप्त ही नहीं होंगे।  सरकार ने अनुच्छेद 14 का सीधा सीधा उल्लंघन किया है। 

     पूर्व मंडलीय मंत्री श्री नेगी ने कहा प्रधानाचार्य पद पदोन्नति का पद है जो पदोन्नति से शत प्रतिशत भरा जाना चाहिए। इस प्रकार की नियमावली बनाकर सरकार की मंशा विद्यालयों में प्रधानाचार्य नियुक्त करने की मंशा पर सवाल खड़े होते है। यदि सरकार की प्रदेश के विद्यालयों में प्रधानाचार्य नियुक्त करने की मंशा साफ है तो तत्काल नियमावली में संशोधन कर एलटी शिक्षकों को भी शामिल करे।

     सरकार इस प्रकार के नियम लागू कर रही है जिससे एलटी शिक्षकों के हित प्रभावित हो रहे हैं। आज प्रदेश में शिक्षक में भारी आक्रोश है।  शिक्षक 30 से 35 वर्षों की सेवा करने के बाद एलटी व प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। एक ही पद पर वर्षों से कार्य करने से शिक्षक कुंठित हो चुका है जिससे उनकी कार्यक्षमता दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। इसका सीधा असर विद्यालय के पठन-पाठन पर पड़ रहा है।

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