रॉयल्टी के नए प्रावधानों पर भड़के ठेकेदार, आंदोलन की चेतावनी।
अगस्त्यमुनि। रॉयल्टी के नए प्रावधानों और विभागीय निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर केदार घाटी ठेकेदार संगठन ने विरोध जताया है। संगठन ने शासन के नए नियमों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए निविदाओं को पारदर्शी तरीके से संचालित करने की मांग की है। ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
शनिवार को केदार घाटी ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष लखपत सिंह बर्तवाल की अध्यक्षता में ठेकेदार सिंचाई खंड कार्यालय अगस्त्यमुनि पहुंचे। यहां उन्होंने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर रॉयल्टी संबंधी नए आदेशों और निविदा प्रक्रिया में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन की ओर से रॉयल्टी को लेकर लागू किए गए नए प्रावधान ठेकेदारों के हितों के अनुकूल नहीं हैं। इन प्रावधानों से ठेकेदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिस कारण संगठन ने इनका विरोध किया है।
ठेकेदारों ने विभागीय निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई। उनका कहना है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छोटी-बड़ी सभी निविदाओं का विवरण स्थानीय समाचार पत्रों में खुले रूप से प्रकाशित किया जाना चाहिए। इससे ठेकेदारों को निविदाओं की जानकारी समय पर मिल सकेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। संगठन ने संबंधित विभाग से रॉयल्टी के नए प्रावधानों की समीक्षा करने तथा निविदा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग की। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों की अनदेखी होने पर संगठन आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।
इस दौरान संगठन के महामंत्री मातबर सिंह राणा, कुलदीप कंडारी, विजयपाल राणा, दिगंबर गुसाईं, कुंवर सिंह नेगी, विनोद रावत, नवीन बिष्ट सहित अन्य ठेकेदार मौजूद रहे।


