केदारनाथ यात्रा: बिना पंजीकरण घोड़ा-खच्चर संचालन पर होगी सख्त कार्रवाई, डीएम विशाल मिश्रा की कड़ी चेतावनी।
रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों, स्वामियों और हॉकरों को दो टूक चेतावनी देते हुए तीर्थयात्रियों के साथ शालीन और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर बिना अनिवार्य पंजीकरण के घोड़ा-खच्चरों का संचालन करने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ धाम आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्रा से जुड़े हर संचालक और हॉकर की यह नैतिक व कानूनी जिम्मेदारी है कि वे यात्रियों के साथ विनम्रता और मर्यादित व्यवहार करें। हाल ही में कुछ हॉकरों द्वारा तीर्थयात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार के मामले सामने आए हैं, जिस पर शासन और जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिला पंचायत रुद्रप्रयाग के माध्यम से सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों और हॉकरों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। जिलाधिकारी ने संचालकों और स्वामियों को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे अपने अधीन काम करने वाले प्रत्येक हॉकर का तत्काल पंजीकरण कराएं और इसकी सूची जिला प्रशासन को सौंपें। यदि कोई भी व्यक्ति बिना वैध पंजीकरण के संचालन करता पाया गया, तो उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ भारी आर्थिक दंड और अन्य विधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, जिसके लिए संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे। अंत में डीएम ने सभी से यात्रा की गरिमा बनाए रखने और प्रशासन को सहयोग देने की अपील की।


