ग्राम चंदी में भक्ति का सैलाब: 151 कलशों के साथ निकली भव्य जल यात्रा।
पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सिर पर रखे कलश और मंगल गीतों की गूँज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में किया सराबोर।
जखोली- जनपद रुद्रप्रयाग के ग्राम पंचायत चंदी में इन दिनों लोक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। क्षेत्रपाल देवता के निमित्त आयोजित पांच दिवसीय भव्य महायज्ञ के चौथे दिन आज समूचा क्षेत्र जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर गांव की महिलाओं और बालिकाओं द्वारा पारंपरिक धारे (जल स्रोत) से लेकर पंचायती चौक तक 151 जल कलशों की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई।
पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सिर पर रखे कलश और मंगल गीतों की गूँज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के संयोजक सत्ते सिंह राणा ने बताया कि यह यज्ञ क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 45 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद गांव में इस तरह का अनुष्ठान हो रहा है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोक संस्कृति से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है।
इस आयोजन की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सात समंदर पार और देश के विभिन्न महानगरों में रह रहे चंदी गांव के प्रवासी भी इस पुनीत कार्य में सम्मिलित होने अपने पैतृक गांव पहुँचे हैं। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न रहकर 'अपनों से जुड़ने' का एक बड़ा माध्यम बन गया है।
कलश यात्रा के दौरान ग्राम प्रधान पवन सिंह राणा, पूर्व प्रधान प्रेमा राणा, उमेद सिंह, ज्ञानप्रकाश कोठारी, प्रमिला देवी, सूनीता देवी, बबली और महंगाई देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ इस पांच दिवसीय उत्सव का समापन होगा। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ऐसे आयोजनों से न केवल लोक आस्था को बल मिलता है, बल्कि आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता भी सुदृढ़ होती है।


