प्रशासन की तत्परता से रुका एक और बाल विवाह।
रुद्रप्रयाग जनपद में अब तक 27 मामले आए सामने।
जखोली (रुद्रप्रयाग): जनपद में प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद बाल विवाह की कुप्रथा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला जखोली ब्लॉक के एक गांव का है, जहाँ एक नाबालिग बालिका का विवाह संपन्न होने जा रहा था। हालांकि, समय रहते सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए जनपद में इस वर्ष के 27वें बाल विवाह प्रकरण को सफलतापूर्वक रोक दिया।
घटनाक्रम के अनुसार, नाबालिग बालिका ने स्वयं इस विवाह के विरुद्ध पुलिस कंट्रोल रूम और चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी। जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी अखिलेश मिश्रा के निर्देशन में बाल विकास परियोजना अधिकारी सुश्री गोल्डी सिंह, बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता मलासी, चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर अखिलेश नेगी और काउंसलर पूजा भंडारी ने पुलिस टीम के साथ मौके पर धावा बोला। पुलिस टीम में दरोगा सोमवीर सिंह, कांस्टेबल अनिल कुमार और सुरेंद्र सिंह बिष्ट शामिल रहे।
मौके पर पहुँची टीम ने विवाह की तैयारियों को रुकवाकर परिजनों की काउंसलिंग की। अधिकारियों ने परिवार को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों और इसके विरुद्ध कड़े कानूनी प्रावधानों (बाल विवाह निषेध अधिनियम) की विस्तृत जानकारी दी। टीम ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों का विवाह न केवल उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस कुप्रथा के खिलाफ अभियान सख्ती से जारी रहेगा और उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


