मयाली में बदहाल पार्किंग और बेतरतीब खड़े वाहन बनेंगे चुनौती, चारधाम यात्रा में बड़े जाम की आशंका।
मयाली। श्री केदारनाथ धाम के वैकल्पिक मार्ग और बद्रीनाथ-केदारनाथ संगम के प्रमुख केंद्र मयाली बाजार में आगामी चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने की आशंका गहरा गई है। मयाली बाजार न केवल लस्या, सिलगढ़, फुटगढ़ और बड़मा जैसी चार प्रमुख पट्टियों के 100 से अधिक गांवों की जीवनरेखा है, बल्कि गुप्तकाशी और तिलवाड़ा जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है। वर्तमान में बाजार से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित एकमात्र पार्किंग स्थल अपनी बदहाली के कारण 'सफेद हाथी' साबित हो रहा है। पार्किंग की जर्जर स्थिति और सुविधाओं के अभाव के चलते चालक वहां वाहन खड़े करने से कतरा रहे हैं, जिसका सीधा असर मुख्य बाजार की सड़क पर पड़ रहा है।
सामान्य दिनों में भी मयाली बाजार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण भारी जाम की चपेट में रहता है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि श्री वासुदेव टैक्सी-मैक्सी यूनियन की लगभग 400 गाड़ियां और सैकड़ों निजी वाहन व्यवस्थित पार्किंग के अभाव में मुख्य सड़क के किनारों पर ही खड़े किए जा रहे हैं। इससे संकरी होती सड़क पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। प्रशासन की ओर से सुव्यवस्थित पार्किंग को लेकर की जा रही निरंतर अनदेखी अब यात्रा काल में एक विकट समस्या बनने की ओर इशारा कर रही है। यदि यात्रा शुरू होने से पूर्व पार्किंग का सुदृढ़ीकरण नहीं किया गया, तो यह स्थिति स्थानीय जनता और तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।
हरीश पुण्डीर (पूर्व प्रधान मयाली व अध्यक्ष, श्री वासुदेव टैक्सी यूनियन): "हमने कई बार लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को पार्किंग की स्थिति सुधारने के लिए कहा है, लेकिन पिछले 3 वर्षों से हमारी मांग अनसुनी की जा रही है। इस वर्ष कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी को समस्या से अवगत कराया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि समाधान जल्द होगा।"
सुरेन्द्र दत्त सकलानी (उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी): "लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग की अनदेखी के कारण पार्किंग बदहाल है। जंगल का बरसात का पानी स्क्रबर बंद होने की वजह से पार्किंग क्षेत्र में बह रहा है, जिससे सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। यहाँ नाली का निर्माण करना अत्यंत आवश्यक है।"
उम्मेद सिंह राणा (स्थानीय निवासी): "बाजार से पार्किंग तक सड़क के ऊपरी हिस्से का मलबा पिछले 3 साल से नहीं हटाया गया है। इस कारण वहां से एक बार में केवल एक ही वाहन गुजर पाता है, जो जाम का मुख्य कारण बनता है। यात्रा शुरू होने से पहले इस मलबे को हटाया जाना चाहिए।"


