दो मासूमों के सिर से उठा माता-पिता का साया

अनाथ बच्चों का भविष्य,
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कुदरत का कहर: त्यूँखर के दो मासूमों के सिर से उठा माता-पिता का साया, भविष्य पर संकट।

जखोली (रुद्रप्रयाग): विकासखंड जखोली के ग्राम पंचायत त्यूँखर से एक हृदय विदारक मामला सामने आया है, जहाँ नियति की क्रूरता ने दो मासूम भाई-बहन के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। 15 वर्षीय शालिनी और 12 वर्षीय साहिल अब इस दुनिया में अकेले रह गए हैं, जिनके सामने न केवल असुरक्षा का भाव है, बल्कि भविष्य को लेकर भी गहरा शून्य व्याप्त हो गया है।

इन बच्चों के दुखों का सिलसिला वर्ष 2017 में शुरू हुआ, जब इनके पिता स्वर्गीय दीपक सिंह की जम्मू की एक तेल रिफाइनरी में काम के दौरान टैंक में गिरने से दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। उस समय बच्चे इतने छोटे थे कि उन्हें पिता के खोने का आभास तक नहीं था। पति की मृत्यु के बाद माँ दीना देवी (35 वर्ष) ने मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह दोनों बच्चों का पालन-पोषण किया और उन्हें चलना सिखाया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; बीते 12 फरवरी को अचानक दीना देवी का भी निधन हो गया, जिससे दोनों बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए।

वर्तमान में शालिनी और साहिल अपनी वृद्ध दादी के साथ रह रहे हैं। हालांकि, इनके ताऊ प्रबल सिंह ने बच्चों को सहारा दिया है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। दुखद पहलू यह भी है कि 12 वर्षीय साहिल मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ नहीं है और उसे अब तक अपनी माँ के जाने का आभास तक नहीं है।

इस मार्मिक स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान श्रीमती माधुरी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती प्रिया पवार और सामाजिक कार्यकर्ता शिवराज सिंह कैन्तूरा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के रिश्तेदारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे लंबे समय तक इनकी पढ़ाई और परवरिश का बोझ उठा सकें। जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और समाजसेवियों से गुहार लगाई है कि इन अनाथ बच्चों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और इनके बेहतर भविष्य के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


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