तिलवाड़ा: केदारेश्वर महादेव मंदिर में धूमधाम से निकली शिव-पार्वती की बारात, भक्ति के रंग में रंगा क्षेत्र।
मनमोहक रही शिव गणों की झांकी, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।
तिलवाड़ा (रुद्रप्रयाग)। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नगर पंचायत तिलवाड़ा के केदारेश्वर महादेव गीड़ भूतेर में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान शिव और माता पार्वती की भव्य झांकी और बारात के आयोजन से संपूर्ण क्षेत्र "हर-हर महादेव" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास की चतुर्दशी तिथि को ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसे 'महाशिवरात्रि' के रूप में मनाया जाता है, जो शिव (पुरुष) और शक्ति (प्रकृति) के मिलन का प्रतीक है। केदारेश्वर महादेव की इस पावन भूमि पर बारात का आयोजन न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह भक्तों के लिए महादेव के गृहस्थ स्वरूप के प्रति अटूट आस्था प्रकट करने का माध्यम भी है।
सजे-धजे ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ निकली इस बारात में नन्हे कलाकारों ने भगवान शिव, माता पार्वती और उनके गणों का सजीव चित्रण किया। झांकी में शामिल इन स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता हैप्पी असवाल ने कहा कि:
"महाशिवरात्रि पर निकलने वाली यह बारात हमारी पौराणिक परंपराओं की जीवंत झलक है। ऐसे आयोजनों से न केवल हमारी संस्कृति संरक्षित होती है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपने धर्म और जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।"
कार्यक्रम को भव्य बनाने में आयोजन समिति के देवेन्द्र पुरी, धर्मेन्द्र, उत्तम, सौरभ कण्डारी, उमा कण्डारी, नगर पंचायत सभासद रंजना असवाल, विनीता पुरी और अखिलेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासियों का सक्रिय योगदान रहा। आयोजन समिति ने सफल आयोजन के लिए समस्त क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया है।



