आपदा के 6 माह बाद भी नहीं सुधरे सिंचाई के साधन।
रुद्रप्रयाग के किमाणा और बेनोली में दम तोड़ रही नकदी फसलें।
रुद्रप्रयाग। जनपद में जून 2025 में आई भीषण आपदा के छह माह बीत जाने के बाद भी कृषि क्षेत्र की स्थिति बदहाल है। सरकारी तंत्र की सुस्ती और सिंचाई नहरों की मरम्मत न होने के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। जिले के किमाणा और बेनोली जैसे गांवों में सिंचाई सुविधाओं के अभाव में नकदी फसलें सूख रही हैं, जिससे काश्तकारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
किमाणा: सब्जी उत्पादन और मत्स्य पालन पर संकट
ग्राम किमाणा की प्रगतिशील महिला काश्तकार मीना देवी, जो आपदा से पूर्व ट्राउट फिश (मत्स्य पालन) और सब्जी उत्पादन से अच्छी आय अर्जित कर रही थीं, आज बेबस हैं। मीना देवी ने बताया कि उन्होंने लगभग 8 नाली भूमि पर मटर, लहसुन, प्याज और हरी सब्जियों की बुवाई की है। आपदा में सिंचाई नहर टूटने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। लंबे समय से बारिश न होने और सिंचाई के साधन ठप होने से फसलें सूखने के कगार पर हैं।
बेनोली: बड़ी इलायची के उत्पादन को भारी झटका
बड़ी इलायची की खेती के लिए प्रसिद्ध बेनोली गाँव की स्थिति और भी चिंताजनक है। ग्राम प्रधान सूर्यप्रकाश नौटियाल ने बताया कि गाँव में मुख्य आय का स्रोत बड़ी इलायची है। सिंचाई नहर टूटने से इस वर्ष खड़ी फसल पूरी तरह सूख गई है, जिससे उत्पादन शून्य रहने की आशंका है। उन्होंने बताया कि बड़ी इलायची का पौधा तैयार होने में तीन साल का समय लगता है; ऐसे में वर्तमान पौधों के सूखने का असर अगले कई वर्षों तक देखने को मिलेगा। प्रधान ने आरोप लगाया कि लघु सिंचाई विभाग ओर सिंचाई विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद बजट का बहाना बनाकर काम टाला जा रहा है।
पलायन और खेती छोड़ने को मजबूर किसान
सिंचाई की सुविधा न होने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। शम्भूप्रसाद नौटियाल, जगत राम, शिव प्रसाद और मनोज सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य आधार है। यदि सरकार और विभाग ने जल्द सुध नहीं ली, तो वे खेती छोड़ने को मजबूर होंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि विभागीय सुस्ती के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन की स्थिति पैदा हो रही है।
इस मामले में अधिशासी अभियंता खुशवंत सिंह चौहान का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्राक्कलन (Estimate) तैयार कर लिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही सिंचाई नहरों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।



