अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की माँग को लेकर उत्तराखंड में भारी आक्रोश, रुद्रप्रयाग के कई बाजार रहे पूरी तरह बंद।
बंद का व्यापक असर: सड़कों पर पसरा सन्नाटा।
देहरादून/रुद्रप्रयाग: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में जन-आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। 18 सितंबर 2022 को पौड़ी जिले के गंगा भोगपुर स्थित वनंतरा रिसोर्ट में हुई इस हृदयविदारक घटना के खिलाफ आज प्रदेश भर में भारी उबाल देखा गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने जनता के दबाव और आक्रोश को देखते हुए मामले की सीबीआई (CBI) जांच की संस्तुति देने की बात कही है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोग और विभिन्न राजनीतिक दल संतुष्ट नहीं हैं। जनता का आरोप है कि मामले में संलिप्त प्रभावशाली रसूखदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है और अब तक गहनता से जांच नहीं हुई है।
इसी कड़ी में आज, 11 जनवरी को विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा 'उत्तराखंड बंद' का आह्वान किया गया था। इस आह्वान का व्यापक असर रुद्रप्रयाग जिले के जखोली, मयाली, सुमाड़ी और तिलवाड़ा जैसे प्रमुख बाजारों में देखने को मिला। सुबह से ही इन क्षेत्रों के व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। आलम यह था कि ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी या अन्य कार्यों के लिए बाजारों में नहीं पहुंचे, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग अपने घरों में ही डटे रहे।
पौड़ी जिले के वनंतरा रिसोर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राजनीतिक रसूख रखने वाले व्यक्तियों के नाम सामने आने के बाद से ही पूरे प्रदेश की जनता सड़कों पर है। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि जब तक इस हत्याकांड के 'वीआईपी' चेहरों का खुलासा नहीं होता और अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।


