कनाडा भेजने के नाम पर पिता से 7 लाख की ठगी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी का वीजा कंसलटेंसी फर्म का संचालक बताते हुए छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए वीजा दिलाने का दावा।
हल्द्वानी। उच्च शिक्षा के लिए अपने बेटे को विदेश भेजने का सपना देख रहे एक पिता को वीजा कंसलटेंट ने झाँसा देकर सात लाख रुपये ठग लिए। ठग ने कनाडा का स्टूडेंट वीजा दिलाने का वादा किया था, लेकिन न तो वीजा मिला और न ही रकम वापस। कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रामपुर रोड निवासी एक व्यक्ति अपने 25 वर्षीय बेटे, हर्षित, को होटल मैनेजमेंट कोर्स के लिए कनाडा भेजना चाहते थे। इसी क्रम में, साल 2020 में उनका बेटा बरेली रोड निवासी शिवम नामक व्यक्ति के संपर्क में आया। शिवम ने खुद को वीजा कंसलटेंसी फर्म का संचालक बताते हुए छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए वीजा दिलाने का दावा किया।
हर्षित ने शिवम को घर पर बातचीत के लिए बुलाया। शिवम ने 6 से 8 माह के भीतर कनाडा का वीजा दिलवाने की गारंटी दी और इसके लिए 7 लाख रुपये की फीस तय की। बेटे के भविष्य के लिए पिता ने तुरंत बैंक से 10 लाख रुपये का लोन लेकर शिवम को 7 लाख रुपये सौंप दिए। वे इस लोन पर भारी ब्याज का भुगतान भी कर रहे थे।
निर्धारित छह माह की अवधि बीतने के बाद जब वीजा के बारे में पूछा गया, तो शिवम ने टाल-मटोल शुरू कर दी। उसने बहाना बनाया कि कनाडा का ऑफर लेटर नहीं मिल पा रहा है, और इसके बजाय यूएसए (अमेरिका) के क्लीवलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी में दाखिला और वीजा दिलवाने की बात कही, जिस पर हर्षित सहमत हो गया।
हालांकि, आरोपी शिवम लगातार 'आज-कल' करते हुए टालता रहा और अंततः उसने पिता-पुत्र का फोन उठाना भी बंद कर दिया। जब पीड़ित पिता और पुत्र तंग आकर शिवम के घर पहुंचे, तो वहाँ मौजूद आरोपी के माता-पिता ने उनसे न सिर्फ अनजान होने का दावा किया, बल्कि यह कहकर लड़ाई पर उतारू हो गए कि "तुमने हमसे पूछकर पैसे दिए थे क्या?"
कोतवाल अमर चंद्र शर्मा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


