वैध के नाम पर अवैध काम देवदार ओर केल के पेड़ों का अवैध कटान।

कोठीगाड रेंज के चीवा आन्द्री खण्ड में देवदार ओर केल के पेड़ों का वन निगम की लॉट के नाम पर अवैध पातन का पता तब चला जब सीएम पोर्टल पर शिकायत की जांच कर
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 वन निगम की लॉट के नाम की आड़ पर दर्जनों देवदार ओर केल के पेड़ काटे।

 अवैध पातन से उस कम्पार्टमेंट के वन आरक्षी ओर वन दरोगा के साथ वन क्षेत्राधिकारी की आंख  सीएम पोर्टल पर शिकायत जाने के बाद ही खुली या कोई दबाब था।

वन सम्पदा को इस तरह से नुकसान पहुंचाकर क्या साबित करना चाहते हैं तस्कर। किसकी मिलीभगत से यह सब हुआ यह जांच में सामने आएगा या नही यह समय बताएगा।

टोंस वन प्रभाग की कोठीगाड रेंज के चीवा आन्द्री खण्ड में देवदार ओर केल के पेड़ों   का वन निगम की लॉट के नाम पर अवैध पातन का पता तब चला जब सीएम पोर्टल पर शिकायत की जांच करने जांच अधिकारी उप प्रभागीय वनाधिकारी विजय शंकर सैनी के साथ टीम घटनास्थल पर पहुंचे ओर एक ही कक्ष में अवैध पातन की स्थिति देखकर जांच टीम के सदस्य भी भौचक्के रह गए।

इस खण्ड में वन निगम को 600 पेड़ों की अनुमति कटान हेतु दी गयी थी पर हद तब हुई जब शुरुवाती दौर में ही 30 पेड़ देवदार ओर केल के कटे हुए मिले। इस अवैध पातन की सही स्थिति का पता अन्य कम्पार्टमेंटो की जांच करने पर स्पष्ट होगी।

सीएम पोर्टल पर कोठीगाड के साथ देवता तथा सांद्रा रेंज में अवैध पातन की शिकायत हुई है अभी कोठीगाड में जांच चल रही जब दो और रेंजों की जांच होगी तो अवैध कार्यों में लिप्त वन तस्करों ओर कर्मचारियों की कोई मिलीभगत है या कुछ ओर कारण है यह स्पष्ट हो पायेगा।

क्योंकि वैध के नाम से अवैध पातन का इतने बड़े स्तर पर होना कहीं न कहीं शक की सुई का मिलीभगत पर घूमना ओर सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद वन अधिकारियों का क्षेत्र में दौरा करना सवाल खड़े करता है।

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