जखोली गांव में होगा सर्वत्तोभद्र व्यूह और मकर व्यूह का आयोजन
उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में पांडवलीला का आयोजन
उत्तराखंड की भूमि लोक एवं पौराणिक परम्पराओं की समृद्ध विरासत को अपने अंदर समेटे हुए है । समय समय पर विभिन्न क्षेत्रों में अनेकानेक कार्यक्रमों के माध्यम से इस विरासत के दर्शन होते रहते हैं । पांडवों की कर्मस्थली होने के कारण उत्तराखंड के लोकमानस व परम्पराओं पर पांडवों की स्पष्ट छाप दृष्टिगोचर होती है। पांडव यंहा के कण कण में रचे बसे हैं। इसी कारण यंहा गांव गांव में पांडव लीलाओं के माध्यम से उस सम्बन्ध को याद किया जाता रहता है जोकि अब एक लोक परम्परा व संस्कृति का अभिन्न अंग बन गया है। जखोली बड़मा गांव में 20 नवम्बर से पांडव लीला का आयोजन इसी परम्परा को आगे बढ़ाने एवं आयने वाली पीढीयों तक पंहुचाने के लिए किया जा रहा है।
पांडवों से सम्बन्धित अनेकों कलाओं का प्रदर्शन भी इन लीलाओं के माध्यम से किया जाता है इन्हीं में से एक कला या विधा व्यूह रचना की है | महाभारत से प्रेरित इस विधा में अनेक प्रकार के व्यूहों का निर्माण किया जाता है । जैसे चक्रव्यूह, कमलव्यूह, आदि । इसी क्रम में जखोली बड़मा गांव में 14 दिसम्बर को सर्वत्तोभद्र व्यूह एवं 15 दिसम्बर को मकर व्यूह का आयोजन किया जा रहा है । इस अवसर पर ग्रामप्रधान श्री बलराम सिंह, क्षेत्रपंचायत सदस्या श्रीमती अनिता देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी देवी, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष धर्मेंद्र पंवार, जसपाल सिंह पंवार, राम सिंह पंवार, भगवान सिंह पंवार व मातबर सिंह पंवार सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।


