मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा तल्लानागपुर का केंद्र बिंदु चोपता बाजार।
मांगें पूरी न होने पर जनप्रतिनिधियों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी।
चोपता। विकासखंड अगस्त्यमुनि के अंतर्गत तल्लानागपुर क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक धड़कन माना जाने वाला चोपता बाजार आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। दर्जनों गांवों के केंद्र बिंदु इस बाजार में रोजाना हजारों ग्रामीणों की आवाजाही होती है। कृषि, बागवानी और स्थानीय उत्पादों के लेन-देन का प्रमुख जरिया होने के साथ-साथ यह बाजार क्षेत्र की संस्कृति का भी प्रतीक है, जहां प्रसिद्ध चांदधार स्थल पर हर वर्ष 'तल्लानागपुर औद्योगिक विकास एवं कृषि पर्यटन महोत्सव' का भव्य आयोजन होता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यहां पार्किंग, स्वच्छता, सुलभ शौचालय, सुचारू यातायात, डिग्री कॉलेज और स्थानीय उत्पादों के लिए विपणन व्यवस्था जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं, तो यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास का एक सशक्त मॉडल बन सकता है।
क्षेत्रीय विकास और जनसमस्याओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। चोपता वार्ड से जिला पंचायत सदस्य संपन्न नेगी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों के एक शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा से मुलाकात कर क्षेत्र की लंबित समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र सौंपा। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि तल्लानागपुर क्षेत्र वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। मांग पत्र में मुख्य रूप से तल्लानागपुर चोपता में अधूरे पड़े पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण कार्य शुरू करने, चोपता बाजार में पूर्व स्वीकृत पार्किंग का निर्माण जल्द कराने, तल्लानागपुर पेयजल फेज-2 के अधूरे निर्माण कार्य को गति देने और तल्लानागपुर-तुंगनाथ पेयजल योजना के पुनर्गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
जिला पंचायत सदस्य संपन्न नेगी ने शासन-प्रशासन को कड़ा रुख दिखाते हुए चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी जनहित की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त जनप्रतिनिधि क्षेत्रीय जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन और आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसके बाद पैदा होने वाली किसी भी परिस्थिति और कानून व्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।


