रुद्रप्रयाग- बजट पर महिला संवाद: 'विकसित भारत' की सारथी बनेंगी महिलाएं, बजट में आत्मनिर्भरता की नई इबारत।
रुद्रप्रयाग। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित "बजट पर महिला संवाद" कार्यक्रम में केंद्र सरकार के नए बजट को महिला सशक्तिकरण का एक नया अध्याय बताया गया। राज्यमंत्री श्रीमती मधु भट्ट और केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने बजट 2026-27 के प्रावधानों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह बजट केवल घोषणाओं का पुलिंदा नहीं, बल्कि महिलाओं को 'लाभार्थी' से 'विकास की भागीदार' बनाने का रोडमैप है।
बजट 2026-27 की बड़ी सौगातें: जो महिलाओं के जीवन में लाएंगे बदलाव
केंद्र सरकार ने इस वर्ष के बजट में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वरोजगार के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनका सीधा लाभ उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा:
- 'SHE-मार्ट' (SHE-Marts) की शुरुआत: स्वयं सहायता समूहों (SHG) की आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए सरकार ने SHE-मार्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये स्टोर्स ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेंगे, जिससे 'लखपति दीदी' योजना को नई गति मिलेगी।
- हर जिले में 'गर्ल्स हॉस्टल': छात्राओं की उच्च शिक्षा और कौशल विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए देश के हर जिले में एक समर्पित बालिका छात्रावास (Girls Hostel) बनाया जाएगा। इससे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए शहर में सुरक्षित आवास की समस्या हल होगी।
- लखपति दीदी योजना का विस्तार: 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने के लक्ष्य के साथ, स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देने का प्रावधान बजट में जारी रखा गया है।
- स्वास्थ्य और पोषण पर फोकस: 'सक्षम आंगनबाड़ी' और 'पोषण 2.0' के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, दुर्लभ बीमारियों की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाकर इलाज को सस्ता बनाया गया है।
- सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'मिशन शक्ति' और 'निर्भया फंड' के माध्यम से डिजिटल और शारीरिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
संवाद कार्यक्रम में मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत और जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी ने कहा कि 'शी-मार्ट' जैसे नवाचार से उत्तराखंड के हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। कार्यक्रम में शामिल लगभग 250 महिला प्रतिनिधियों ने एक स्वर में माना कि यह बजट महिला केंद्रित योजनाओं के माध्यम से उनके सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने वाला है।
जिला प्रभारी सतीष लखेड़ा ने अंत में कहा कि सरकार ने नारी शक्ति को देश की आर्थिक रीढ़ बनाने का संकल्प लिया है, जिसका असर जल्द ही धरातल पर दिखाई देगा।


