पूर्व सैनिक के बग़ीचे से सेब के 26 पेड़ काटे जाने का मामला: लाखों का नुकसान।
असामाजिक तत्वों द्वारा इस तरह से मेहनतकश किसानों को नुकसान पहुँचाना किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। जखोली ब्लॉक के मरुड़ तोक में पूर्व सैनिक राजेंद्र सिंह नेगी के सेब के बाग़ीचे में अज्ञात शरारती तत्वों ने भारी नुकसान पहुँचाया है। राजेंद्र सिंह नेगी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके बाग़ीचे में सेब के 26 फलदार पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया है।
सेवानिवृत्ति के बाद शहर की ओर रुख करने के बजाय, राजेंद्र सिंह नेगी ने अपनी बंजर ज़मीन को आबाद कर एक मिसाल कायम की थी। उन्होंने तीन वर्ष पहले अपने बाग़ीचे में करीब एक हज़ार सेब के पौधे लगाए थे, जिनकी वह नियमित रूप से देखभाल कर रहे थे। ये 26 कटे हुए पेड़ अब फल देने की अवस्था में थे और इनकी कीमत लाखों रुपये में आँकी गई है। इस कृत्य से न केवल पूर्व सैनिक को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि उन्हें गहरा मानसिक आघात भी पहुँचा है, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत और पूँजी बर्बाद हो गई है।
राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा है कि इस घटना ने पूरे गाँव में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने बताया कि जहाँ एक ओर जंगली जानवरों के प्रकोप के कारण ग्रामीण पहले ही खेती से दूर हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्वों की ऐसी हरकतों ने किसानों की चिंता को और बढ़ा दिया है। पूर्व सैनिक ने पुलिस और जिला प्रशासन से इस जघन्य कृत्य में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की पुरज़ोर माँग की है। असामाजिक तत्वों द्वारा इस तरह से मेहनतकश किसानों को नुकसान पहुँचाना किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है।


