निलंबित आईएफएस अफसर किशनचंद के कुकर्मों की सजा अब मिलेगी

निलंबित आईएफएस अफसर किशनचंद कभी भी हो सकता है गिरप्तार,अब आईएफएस अधिकारी के खिलाफ कुर्की की होगी कार्रवाई,टाइगर रिजर्व में मनमानी तरीके से बिल्डिंग बन
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निलंबित आईएफएस अफसर किशनचंद कभी भी हो सकता है गिरप्तार ।

किशनचंद के कुकर्म ले डूबे उसके  अकूत सम्राज्य को।

विजिलेंस निदेशक अमित सिन्हा का बड़ा बयान।।

अब आईएफएस अधिकारी के खिलाफ कुर्की की होगी कार्रवाई।।

कुर्की की कार्रवाई का विजिलेंस बना रही है प्लान।।

विजिलेंस ने आईएफएस अधिकारी के कई ठिकानों पर मारे छापे।।

बयान देने के लिए नहीं आ रहा था किशनचंद।।

टाइगर रिजर्व में मनमानी तरीके से बिल्डिंग बनाने का है आरोप।।

विभाग में करोड़ों रुपए की है वित्तीय अनियमितता।

राजनीति में गहरी पकड़ के चलते किशनचंद की अकड़ के वन विभाग के अफसर भी थे कायल।

वन विभाग के गढ़वाल के चीफ जो आजकल UKSSSC के मामले में चर्चाओं में हैं को किशनचंद की शिकायत पर अपना पक्ष रखने को कहा गया था तो उनका साफ कहना था मुझे  क्लर्क न बनाओ चीफ पद पर ही रहने दो किशन चंद के खिलाफ़ कुछ नही लिखूंगा।

किशनचंद के कार्यकाल में किशनचंद का रुतबा इतना बड़ा था कि एक साथ दो डिवीजन के प्रभागीय वनाधिकारी का चार्ज था किशनचंद के खिलाफ।

हरिद्वार में रहकर रुद्रप्रयाग डिवीजन का कार्यभार देखता था किशनचंद।  बवाल होने पर जनपद रुद्रप्रयाग से हटाकर हरिद्वार जनपद में कार्यरत रहने पर पार्क एरिया में उपनिदेशक का पद जो पहले नही था किशनचंद के जाने पर सृजत किया गया था पर रहकर पार्क में घुमाने वाली जीपों की नीलामी ओर नई खरीद के साथ साथ वित्तीय अधिकारों पर अपने कब्जे को लेकर भी चर्चाओं में रहे पर कोई जांच करने की हिम्मत नही कर पाया कारण राजनीति में गहरी पकड़ का होना रहा है।

अब धाकड़ धामी की सरकार में दिखेगें किशनचंद को दिन ने तारे।    हिम्मत ऐसी की जो बिना राजनीतिक सरंक्षण के सम्भव नही है। पूर्ववर्ती सरकारों से अभयदान प्राप्त किशनचंद पर कोई हाथ डालने की हिम्मत नही कर पाया था।

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