उत्तराखण्ड विधानसभा में बैकडोर भर्ती मामले आज लगा सबसे बड़ा झटका।
बैकडोर से भर्ती पर की गई कार्यवाही को सुप्रीमकोर्ट ने माना सही।
क्या धामी सरकार अब तत्कालीन विधानसभा अध्यक्षों पर कार्यवाही करेगी।
उत्तराखण्ड में हुई बैकडोर भर्तियां जो तत्कालीन विधानसभा अध्यक्षों द्वारा विधानसभा सचिवालय में अपने चहेतों को कुण्डली मारकर बिठा दिया था पर हुई सरकार की फजीहत ओर मामले ने तूल पकड़ दिया था जिसके डेमेज कंट्रोल करने के लिए सरकार को कठिन निर्णय लेना पड़ा था।
विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी द्वारा 228 अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था जो कि आजतक के इतिहास में सबसे बड़ी कार्यवाही थी जो राजनैतिक तोर पर अपना पराया के भेद को मिटाने में बहुत हद तक कामयाब हुई।
2016 में भर्ती हुए अभ्यर्थियों को आज सुप्रीमकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है, बैकडोर से भर्ती हुये अभ्यर्थियों द्वारा हाईकोर्ट के द्वारा दिये गए निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी गयी थी जिसमे आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिका को निरस्त कर दिया है।
विधानसभा द्वारा बैकडोर भर्ती पर लिए गए निर्णय को सुप्रीमकोर्ट ने सही ठहराया है, यह धामी सरकार के लिए बड़ी जीत है, ओर यह मुद्दा विरोधियों के लिए कष्टकारी होगा,
अब सवाल है कि क्या धाकड़ धामी सरकार द्वारा बैकडोर से भर्ती करवाने वाले तत्कालीन विधानसभा अध्यक्षों पर कोई कार्यवाही करेगी, क्योंकि UKSSSC में भी भर्ती करवाने वालों पर गैंगस्टर ओर कुर्की जैसी कार्यवाही की जा रही है क्या विधानसभा भर्ती मामले में भी प्राथमिकी दर्ज होगी या नही यह देखने वाली बात होगी, यदि धामी सरकार ने यह कार्यवाही कर दी तो आने वाले चुनावों में डंके की चोट पर पुष्कर सिंह धामी अपने कार्यों को जनता के बीच ले जा सकते हैं।


