गणतंत्र दिवस पर रुद्रप्रयाग में वनाधिकारियों और सरपंचों का सम्मान: जन सहभागिता से बचेंगे सुरक्षित वन।
रुद्रप्रयाग। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर रुद्रप्रयाग वन प्रभाग द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वानिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना और वनों के संरक्षण में जन सहभागिता को सुदृढ़ करना था। समारोह के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) रुद्रप्रयाग द्वारा वन पंचायत सरपंचों—श्री जसपाल राणा, श्री भूपेन्द्र कुमार एवं श्री पूरण सिंह—सहित विभिन्न रेंजों के समर्पित फील्ड कर्मियों को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए सम्मानित सरपंच श्री जसपाल राणा ने वन विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से गुप्तकाशी क्षेत्र में वन्य जीवों की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग द्वारा की गई त्वरित और प्रभावी कार्यवाही पर संतोष व्यक्त किया। श्री राणा ने भविष्य में भी वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने स्तर से विभाग को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
"वन एक खुला खजाना है और इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, इसके लिए जन सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। जब तक आम जनमानस वनों को अपनी धरोहर मानकर रक्षा नहीं करेगा, तब तक पूर्ण सफलता प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण है।" — रजत सुमन ( उपवन संरक्षक, रुद्रप्रयाग)
इस आयोजन ने स्पष्ट किया कि विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच का समन्वय ही उत्तराखंड की अमूल्य वन संपदा को आग, अवैध कटान और वन्यजीव संघर्ष जैसी चुनौतियों से बचा सकता है। गणतंत्र दिवस पर मिले इस सम्मान ने वन रक्षकों और सरपंचों के मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान की है।


