देवभूमि में चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद: 23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट।
नरेंद्र नगर (टिहरी): उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत की घोषणा हो गई है। सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए, नरेंद्र नगर स्थित राजमहल में महाराजा मनुजेंद्र शाह की जन्मपत्री और पंचांग गणना के आधार पर बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है। विधि-विधान के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः 6:15 बजे भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
टिहरी राजपरिवार की प्राचीन परंपरा के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाराजा की कुंडली के सूक्ष्म विचार के बाद ही तय की जाती है। इसी तिथि की घोषणा के साथ ही केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने का मार्ग भी प्रशस्त होता है। आध्यात्मिक दृष्टि से बद्रीनाथ धाम को चारधाम यात्रा का केंद्र बिंदु माना जाता है, जहाँ से पूरी यात्रा का मुख्य संकेत मिलता है।
इस पावन अवसर पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी राजमहल में आयोजित अनुष्ठान में सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस वर्ष से ऋषिकेश बस अड्डे के समीप पर्यटन विभाग के परिसर में समिति का नया कार्यालय संचालित होगा। चूंकि ऋषिकेश से ही यात्रा के लिए मुख्य बसें रवाना होती हैं, ऐसे में इस कार्यालय से यात्रियों को समन्वय और सूचना प्राप्त करने में बड़ी सुगमता होगी।
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा की जा रही सुदृढ़ व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को यात्रा का निमंत्रण दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महाराजा मनुजेंद्र शाह, भवानी प्रताप राव, कीर्ति प्रताप और मुख्य पुजारियों (रावल) से भेंट कर आगामी यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की। आस्था और आधुनिक सुविधाओं के इस संगम के साथ देवभूमि अपनी सांस्कृतिक विरासत के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।


