स्यालसौड़ में केंद्रीय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू

स्यालसौड़ में केंद्रीय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू,
खबर शेयर करें:

रुद्रप्रयाग: जनता के संघर्ष की बड़ी जीत, स्यालसौड़ में केंद्रीय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू 

39 दिनों के ऐतिहासिक आंदोलन का सुखद परिणाम, क्षेत्रीय विकास और शिक्षा के लिए बड़ी जीत 

रुद्रप्रयाग। जनपद के स्यालसौड़ (चंद्रापुरी) क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। केंद्रीय विद्यालय (केवी) भवन निर्माण की पिछले 25 वर्षों से लंबित मांग आखिरकार धरातल पर उतर आई है। लंबे समय से जर्जर भवनों में चल रहे इस विद्यालय के नए परिसर का निर्माण कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री बलबीर चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

यह सफलता आसानी से नहीं मिली है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के डॉ0 आशुतोष भण्डारी के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने अपनी मांगों को लेकर स्यालसौड़ में 39 दिनों तक ऐतिहासिक धरना दिया था। आंदोलनकारियों का तर्क था कि विद्यालय को स्वीकृति मिले 25 साल बीत चुके हैं और पिछले 14 वर्षों से यह विद्यालय बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पुराने व जर्जर भवनों में संचालित हो रहा था। विद्यालय के लिए 70 से 85 नाली भूमि पहले से ही आवंटित थी, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण निर्माण कार्य अटका हुआ था।

आंदोलन तब निर्णायक मोड़ पर पहुंचा जब ग्राम प्रधान मनोज वैष्णव ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। दो दिनों तक अन्न-जल त्यागने के कारण जब उनकी सेहत बिगड़ने लगी, तो जनता का आक्रोश और दबाव बढ़ गया। प्रशासन तुरंत हरकत में आया और आनन-फानन में वैष्णव को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अगस्त्यमुनि अस्पताल ले जाया गया। राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर तहसीलदार रुद्रप्रयाग प्रणव पाण्डेय और कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) के सहायक अभियंता ने धरना स्थल पर पहुंचकर लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना संघर्ष विराम घोषित किया था।

आज निर्माण कार्य के शुभारंभ के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री बलबीर चौधरी ने जनता के धैर्य और संघर्ष की सराहना की। इस दौरान जिला महामंत्री अजीत सिंह, जिला महामंत्री दीप प्रकाश भट्ट, बिपिन सिंह, प्रदीप बिष्ट और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इसे क्षेत्र की एकजुटता और शिक्षा के प्रति जागरूकता की जीत बताया।

नए भवन के निर्माण से अब क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शैक्षिक वातावरण मिल सकेगा, जिससे न केवल स्यालसौड़ बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के छात्रों का भविष्य संवरेगा। स्थानीय लोगों ने इस जीत को अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर करार दिया है।

खबर पर प्रतिक्रिया दें 👇
खबर शेयर करें:

हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ें-

WhatsApp पर हमें खबरें भेजने व हमारी सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां लिंक पर क्लिक करें -

यहां क्लिक करें----->